केवल गांधी ही क्यों?

बैंक ऑफ इंग्लैंड की करेंसी नोट्स पर रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के साथ साथ एडम स्मिथ की तस्वीर है, जेम्स वाट की तस्वीर है, चर्चिल की तस्वीर है, चार्ल्स डार्विन की तस्वीर है, पिन इंडस्ट्री में डिवीज़न ऑफ लेबर की तस्वीर है। हमारे यहां रुपये पर गांधी के सिवाय कोई दिखता ही नहीं। मेरा सवाल ये है कि सिर्फ गांधी ही क्यों? क्या नोटों पर हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व पाणिनी, आर्यभट्ट, सुश्रुत, चरक, माधव ( केरल स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी) इत्यादि नही कर सकते? केवल गांधी ही क्यों? क्यों हमारा गौरवशाली इतिहास हमारी नोटों और सिक्कों पर से गायब है?